The song in its original script, with the Roman reading beside it.
Original, Hindi
देव दुर्लभ वीर व्रत ले, संगठित हो हिंदू साराविश्व व्यापी ध्येय पथपर धर्म विजयी हो हमारा ॥
सत्य पथ अपना सनातन, नित्य नूतन चिर पुरातनव्यष्टि से परमेष्टि तक है,चेतनाका एक स्पंदनवेद वाणी के स्वरोंमे, गुंजति संस्कार धारा॥१॥
सब सुखी हो सब निरामय, इस धराका मूल चिंतनविश्व को मांगल्य देने, कर दिया सर्वस्व अर्पणगरल पीकर शिव बने हम शक्ति का यह रूप न्यारा॥२॥
जननी है वसुधा हमारी, मातृमन का भाव जागेएकताका मंत्र दे कर,जगति मे एकात्म साधेविश्व गुरु के परम पद पर, हो प्रतिष्ठित धर्म प्यारा॥३॥
Roman reading
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